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ज़बूर 20

GVH

1 दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। मुसीबत के दिन रब तेरी सुने, याक़ूब के ख़ुदा का नाम तुझे महफ़ूज़ रखे। 2 वह मक़दिस से तेरी मदद भेजे, वह सिय्यून से तेरा सहारा बने। 3 वह तेरी ग़ल्ला की नज़रें याद करे, तेरी भस्म होनेवाली क़ुरबानियाँ क़बूल फ़रमाए। (सिलाह) 4 वह तेरे दिल की आरज़ू पूरी करे, तेरे तमाम मनसूबों को कामयाबी बख़्शे। 5 तब हम तेरी नजात की ख़ुशी मनाएँगे, हम अपने ख़ुदा के नाम में फ़तह का झंडा गाड़ेंगे। रब तेरी तमाम गुज़ारिशें पूरी करे। 6 अब मैंने जान लिया है कि रब अपने मसह किए हुए बादशाह की मदद करता है। वह अपने मुक़द्दस आसमान से उस की सुनकर अपने दहने हाथ की क़ुदरत से उसे छुटकारा देगा। 7 बाज़ अपने रथों पर, बाज़ अपने घोड़ों पर फ़ख़र करते हैं, लेकिन हम रब अपने ख़ुदा के नाम पर फ़ख़र करेंगे। 8 हमारे दुश्मन झुककर गिर जाएंगे, लेकिन हम उठकर मज़बूती से खड़े रहेंगे। 9 ऐ रब, हमारी मदद फ़रमा! बादशाह हमारी सुने जब हम मदद के लिए पुकारें।

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