Menu

भजन-संहिता 77

TWF

1 मेंह मदद बर परमेसर ला पुकारेंव; मोर बात ला सुने बर मेंह परमेसर ले गोहार पारेंव। 2 जब मेंह तकलीफ म रहेंव, त मेंह परभू ला खोजेंव; रथिया बिगर थके हांथ ला बढ़ांय, अऊ मोला सांति नइं मिलिस। 3 हे परमेसर, मेंह तोला सुरता करेंव अऊ कलहरेंव; मेंह चिंतन-मनन करेंव, अऊ मोर आतमा ह दुरबल हो गीस। 4 तेंह मोर आंखी ला बंद होवन नइं दे; मोला गोठियाय म बहुंत तकलीफ होवत रिहिस। 5 मेंह तइहा जमाना के बारे म सोचेंव, बहुंत साल पहिले के बारे म; 6 मेंह रथिया अपन गीतमन ला सुरता करेंव। मोर मन ह चिंतन-मनन करिस अऊ मोर आतमा ह पुछिस: 7 “का परभू ह हमेसा बर तियाग दीही? का ओह फेर कभू दया नइं देखाही? 8 का ओकर अटूट मया ह हमेसा बर खतम हो गीस? का ओकर परतिगियां ह हमेसा बर खतम हो गीस? 9 का परमेसर ह दयालु होय के बात ला भुला गे हवय? का ओह गुस्सा होके अपन करूना ला रोक ले हवय?" 10 तब मेंह सोचेंव, “मेंह ये अपील करहूं: ओ सालमन म जब सर्वोच्च परमेसर ह अपन जेवनी हांथ ला बढ़ाईस। 11 मेंह यहोवा के काम ला सुरता करहूं; हव, मेंह बहुंत पहिले के तोर चमतकार के काममन ला सुरता करहूं। 12 मेंह तोर जम्मो काम ऊपर बिचार करहूं अऊ तोर जम्मो बड़े काम ऊपर चिंतन-मनन करहूं।" 13 हे परमेसर, तोर रसता ह पबितर ए। कोन देवता ह हमर परमेसर के सहीं महान ए? 14 तेंह ओ परमेसर अस, जऊन ह चमतकार करथे; तेंह मनखेमन के बीच म अपन सामर्थ देखाथस। 15 अपन सक्तिसाली हांथ ले तेंह अपन मनखे, याकूब अऊ यूसुफ के संतानमन ला छोंड़ाय। 16 हे परमेसर, समुंदर ह तोला देखिस, समुंदर ह तोला देखके छटपटाय लगिस; समुंदर के गहरई तक उथल-पुथल हो गीस। 17 बादर ले बारिस होय लगिस, अकास म गरजन होय लगिस; तोर तीरमन आघू-पाछू चले लगिन। 18 तोर गरजन ह बवंडर म सुनई दीस, तोर बिजली ह संसार ला अंजोर कर दीस; धरती ह थरथराय अऊ कांपे लगिस। 19 तोर रसता ह समुंदर म ले होके गीस, तोर डहार ह गहिरा पानी म ले होके गीस, हालाकि तोर गोड़ के चिनहांमन नइं दिखिन। 20 तेंह मूसा अऊ हारून के दुवारा अपन मनखेमन के अगुवई एक झुंड के रूप करे।

Everything we make is available for free because of a generous community of supporters.

Donate