Menu

3 यूहन्ना 1

TWF
‹ Chapter 0 3 यूहन्ना — All Chapters Chapter 2 ›

1 मो ख सियाना की तरफ से प्यारे गयुस, को नाम, जसो मी सच्चो प्रेम रखू हैं।

2 हे प्यारो, मोरी असी विनती हैं कि जसो तू आत्मा को हिसाब से चला हैं, वसो ही तू पुरी बात हुन म तरक्की करे अर भलो चंगो रहे।

3 काहेकि जब विस्वासी भई हुन न आकर तोरी उस सच्ची की गवाही दी,, जे पर तू सचमुच चलह हैं, ते मी बेजा खुस हुयो।

4 मो ख ऐसे बढ़ ख अर कोई खुस नी की मी सुनु कि मोरा पोरिया सही प चलह हैं।

5 हे प्यारो, जे कुछ तू उन भई हुन को संग करह हैं, जे अजनबी हैं, ओ ख विस्वासी हुन को रूप म करह हैं।

6 उन न कलीसिया को सामे तोरो प्रेम की गवाही दी हैं। अदि तू उन्हे उ तरीका विदा करेगों जे तरीका परमेस्वर को अदमी को लाने उचित हैं ते चोक्खो करेगों।

7 काहेकि वे उ नाम को लाने निकल्या हैं, अर गैर-यहूदी हुन से कुछ नी लेवह।

8 ऐको लाने विस्वासी को स्वागत करनो जरूरी हैं, जसो हम भी सही को पक्छ म उन को सहभागी हो।

9 मी न कलीसिया को कुछ चिठ्टी हतो, पर दियुतुरफेस जे उन म बडो बननो चाहव हैं, हमे ग्रहण नी करह।

10 ऐको लाने जब मी आऊगो ते ओको कामो की जे वह कर राहा हैं, सुधि दिलाऊँगा, कि वह हमारो बारे म बुरी-बुरी बकह हैं; अर ऐ पर भी संतोस न कर ख तू ही भई हुन ख ग्रहण नी करा, अर उन ख जे ग्रहण करनो चाहाव हैं मना करा हैं अर कलीसिया से निकाल देवा हैं।

11 हे प्यारो बुराई कि नी पर भलाई को अनुयायी हो। जे भलई करह हैं, वी परमेस्वर की ओर से हैं; पर जे बुराई करह हैं, ओ न परमेस्वर ख नी देखयो।

12 दिमेतुरयुस को बारे म सब न, लेकिन सही न भी तोरी ही गवाई दी; अर हम भी गवाई देवह हैं, अर तू जानह हैं की हमरी गवाई सच्ची हैं।

13 मो ख तो ख बेजा कुछ लिखनो हतो, पर स्याही अर कलम से लिखनो नी चाहाव।

14 पर मो ख आसा हैं की तो ख सीघ्र भेंट करुगो, तब हम आमने सामे बातचीत करेगों।

15 तो ख सान्ति मिलती रहे। याहा का दोस्त तो ख नमस्कार कहव हैं। याहा का दोस्त हुन को नाम ले ले ख नमस्कार कह देजो।

‹ Chapter 0 3 यूहन्ना — All Chapters Chapter 2 ›

Everything we make is available for free because of a generous community of supporters.

Donate