Menu

भजन संहिता 23

IRV

1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। (यशा. 40:11)

2 वह मुझे हरी-हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल23:2 सुखदाई जल: रुका हुआ जल नहीं, परमेश्वर के जनों के लिए काम में लेने पर इसका अभिप्राय है, नीरवता, शान्ति, और प्राण का विश्राम। के झरने के पास ले चलता है;

3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धार्मिकता के मार्गों में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुआई करता है।

4 चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ, तो भी हानि से न डरूँगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।

5 तू मेरे सतानेवालों के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है23:5 मेरे लिये मेज बिछाता है: परमेश्वर ने मेज लगाई, भोज का आयोजन किया जबकि उसके बैरी सामने थे।; तूने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमड़ रहा है।

6 निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे साथ-साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूँगा।

Everything we make is available for free because of a generous community of supporters.

Donate